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जब बिल ही नहीं देते तो कैसे बताएं, चीनी किस भाव और आटा किस भाव दे रही सरकार !

रोजाना24,चम्बा :- जनजातीय क्षेत्र भरमौर में हिमपात के दौरान लोगों को राशन के लिए डिपुओं के चक्कर न लगाने पड़ें इसलिए सरकार ने इस क्षेत्र के लोगों को नवम्बर से मार्च माह तक के राशन का एकमुश्त अग्रिम कोटा जारी करने की व्यवस्था कर रखी है.हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उपभोक्ताओं को पांच माह का अग्रिम राशन कोटा दिया जा रहा है.

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पृथीपाल सिंह ने कहा कि इस वर्ष एपीएल श्रेणी में 6350 क्विंटल गेहूं आटा,4730 क्विंटल चावल,725 क्विंटल चीनी,गैर एपीएल श्रेणी में 625 क्विंटल चीनी,तीन दालें 1725 क्विंटल,नमक 565 क्विंटल, खाद्य तेल 103200 लीटर की व्यवस्था है .जबकि बीपीएल श्रेणी 1920 क्विंटल अतिरक्त गेहूं व 710 क्विंटल चावल की व्यवस्था की गई है.राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 4200 क्विंटल गेहूं,3015 क्विंटल चावल की व्यवस्था की गई है .वहीं अंत्योदय अन्न योजना के तहत 2270 क्विंटल गेहूं व 1800 क्विंटल चावल मंगवाया गया है.जबकि शीतकाल में एक लाख पांच हजार लीटर मिट्टी का तेल उपभोक्ताओं को मुहैया करवाया जा रहा है.

इस उपमंडल में ग्यारह हजार एक सौ अठावन राशन कार्ड धारक हैं जिनमें दो हजार छ: सौ तेतीस बीपीएल व 236 उपभोक्ता अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन प्राप्त कर रहे हैं.

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अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि उपरोक्त सारा राशन भरमौर व गरोला के गोदामों से डिपुओं तक पहुंच गया है.उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ता अपना राशन समय रहते सम्बंधित डिपो से प्राप्त कर लें.

गौरतलब है कि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राशन तो थमा दिया जाता है लेकिन उन्हें कितना राशन मिलना  चाहिए था व किस दर मिलना था इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती.डिपो धारक उपभोक्ताओं के खरीदे गए राशन का बिल तक नहीं देते.जिस कारण वे कई बार खुद को ठगा सा महसूस करते हैं.लोगों ने प्रशासन से इस संदर्भ में कार्यवाही की मांग की है.

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पृथीपाल सिंह ने कहा कि उपभोक्ता बिल मांगे या न मांगे लेकिन डिपो धारक को उसी वक्त बिल काटकर उपभोक्ता को देना होगा.

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