हिमाचल में नवविवाहिता अपहरण मामला एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। चंबा जिले से सामने आई इस चौंकाने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, जहां शादी के महज चार दिन बाद एक नवविवाहिता को उसके ससुराल से जबरन उठा ले जाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला चुराह उपमंडल के चमेला गांव का है। आरोप है कि शुक्रवार शाम को 15 से 16 लोगों का एक समूह अचानक नवविवाहिता के घर में घुस आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सभी लोग पहले से साजिश के तहत आए थे और घर में घुसते ही गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि नवविवाहिता की शादी चार दिन पहले ही हुई थी। आरोप है कि युवती के मायके पक्ष के कुछ लोग इस विवाह से खुश नहीं थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने कथित तौर पर कानून को खुलेआम चुनौती देते हुए यह कदम उठाया। घर में मौजूद परिजनों ने विरोध किया तो पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों में युवती के रिश्तेदारों के अलावा कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और गांव में चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक आरोपी नवविवाहिता को जबरन अपने साथ ले जा चुके थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पति ने तुरंत पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया है कि नवविवाहिता और उसके पति ने आपसी सहमति से विवाह किया था, लेकिन युवती के परिजन इससे नाराज थे। आरोप है कि इससे पहले भी युवती का रिश्ता कहीं और तय किया गया था, जिसे लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अपहरण, मारपीट और धमकी जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और छापेमारी शुरू कर दी गई है। कुछ आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिशें पहले भी हुई थीं, लेकिन समय रहते समाधान नहीं निकल पाया। अब पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव का माहौल है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में किसी संगठित दबाव या सामाजिक भय की भूमिका तो नहीं रही।
यह मामला हिमाचल प्रदेश में लव मैरिज, सामाजिक दबाव और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा के केंद्र में ले आया है। चंबा जैसे शांत पहाड़ी जिले में इस तरह की घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आज भी व्यक्तिगत फैसलों की कीमत महिलाओं को हिंसा के रूप में चुकानी पड़ रही है।
