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बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग को नई दिशा: बना “बिलिंग पैराग्लाइडिंग कम्युनिटी संगठन”, तय हुए सख्त नियम

बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग को नई दिशा: बना “बिलिंग पैराग्लाइडिंग कम्युनिटी संगठन”, तय हुए सख्त नियम

विश्व विख्यात पैराग्लाइडिंग स्थल बीड-बिलिंग में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी ढंग से संचालित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग से जुड़े सभी ऑपरेटरों की एक अहम बैठक लैंडिंग स्थल पर आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एक साझा संगठन के गठन का निर्णय लिया गया। इस संगठन का नाम “बिलिंग पैराग्लाइडिंग कम्युनिटी संगठन” रखा गया है, जो आने वाले समय में क्षेत्र की पैराग्लाइडिंग व्यवस्था को नई दिशा देगा।

बैठक में मौजूद ऑपरेटरों ने माना कि बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग की अंतरराष्ट्रीय पहचान को बनाए रखने के लिए एक मजबूत और संगठित ढांचा आवश्यक है। इसी उद्देश्य से संगठन की कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन के लिए अंकित सूद को संयोजक, देशराज को प्रधान, चमेल दास और हरदेव ठाकुर को उप-प्रधान, सतीश कुमार और प्रवीण कुमार को सचिव, अरविंद पाल को कोषाध्यक्ष, जबकि कुलदीप कुमार, राजकुमार अबरोल और मनजीत कुमार को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। वहीं, सुरेश ठाकुर को संगठन का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए संगठन के नव-नियुक्त प्रवक्ता ज्योति ठाकुर ने बताया कि बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया है। इनमें टेक्निकल कमेटी, सेफ्टी एवं हॉस्पिटलाइजेशन कमेटी और लैंडिंग साइट कमेटी शामिल हैं।

टेक्निकल कमेटी में ज्योति ठाकुर, विनय, चमेल दास और अरविंद पाल को शामिल किया गया है, जो पैराग्लाइडिंग उपकरणों, उड़ान मानकों और पायलटों की तकनीकी दक्षता पर निगरानी रखेगी। वहीं सेफ्टी एवं हॉस्पिटलाइजेशन कमेटी में विजय कुमार, अमित कुमार और चमेल दास को जिम्मेदारी दी गई है, जो उड़ान के दौरान सुरक्षा, आपातकालीन स्थितियों और स्वास्थ्य सुविधाओं का समन्वय करेगी। लैंडिंग साइट कमेटी में कुलदीप कुमार, ज्योति, देशराज, अरविंद पाल, राकेश और चमेल दास को शामिल किया गया है, जो लैंडिंग स्थल के रखरखाव और सुधार पर काम करेगी।

बैठक में बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग से जुड़े आर्थिक और संचालन संबंधी अहम फैसले भी लिए गए। तय किया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अब प्रत्येक टेंडम उड़ान का किराया ₹3000 होगा। इसके साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि किसी भी पायलट को एक दिन में तीन से अधिक राउंड उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संगठन का मानना है कि इससे पायलटों की थकान कम होगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

प्रवक्ता ज्योति ठाकुर ने आगे बताया कि बिलिंग पैराग्लाइडिंग कम्युनिटी संगठन को जल्द ही पंजीकृत कराया जाएगा, ताकि यह संगठन कानूनी रूप से प्रशासन और सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि लैंडिंग साइट के सुधार के लिए संगठन पूरा सहयोग देगा और बीड-बिलिंग पैराग्लाइडिंग को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पैराग्लाइडिंग इवेंट आयोजित करने के प्रयास भी प्रशासन के साथ मिलकर किए जाएंगे।

बीड-बिलिंग पहले ही दुनिया के टॉप पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशन में शुमार है और इस नए संगठन के गठन से उम्मीद की जा रही है कि यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार अनुभव मिलेगा।