कंगना रनौत ने पूरे किए 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन—यह जानकारी खुद अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने साझा की है। उन्होंने बताया कि भगवान महादेव और अपने पूर्वजों के पुण्य कर्मों की कृपा से वह अब भारत के सभी बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन पूर्ण कर चुकी हैं। इस आध्यात्मिक यात्रा का अंतिम पड़ाव महाराष्ट्र का भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग रहा, जहां दर्शन करना उनके लिए विशेष और भावनात्मक अनुभव रहा।
कंगना रनौत ने कहा कि यह यात्रा किसी एक साल या कुछ महीनों की नहीं, बल्कि दस साल से अधिक समय में पूरी हुई है। शुरुआत में यह यात्रा महज संयोगवश होती रही—अलग-अलग यात्राओं के दौरान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होते गए। लेकिन हाल के वर्षों में उन्होंने इसे एक सचेत आध्यात्मिक संकल्प के रूप में लिया और तय किया कि वह सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन पूर्ण करेंगी।
उन्होंने भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह उनके लिए सबसे खास इसलिए है क्योंकि यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जहां शिव और शक्ति दोनों एक ही लिंग में अर्धनारीश्वर रूप में प्रतिष्ठित हैं। कंगना ने जानकारी दी कि इस प्राचीन लिंग पर दिन के अधिकांश समय चांदी का आवरण रहता है और केवल लगभग 10 मिनट के लिए ही मूल लिंग के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि वह उसी दुर्लभ समय में दर्शन कर सकीं, जिसे वह महादेव की विशेष कृपा मानती हैं।
कंगना रनौत ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मिक रूप से भी उनके लिए बेहद परिवर्तनकारी रही। उन्होंने “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। उनके इस आध्यात्मिक सफर की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों और श्रद्धालुओं की ओर से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है।
हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंगों का अत्यंत विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन पवित्र स्थलों के दर्शन से भक्त को आध्यात्मिक शांति, आत्मबल और मोक्ष की प्राप्ति होती है। देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित ये ज्योतिर्लिंग सनातन परंपरा की गहरी आस्था का प्रतीक हैं।
राजनीति और फिल्म जगत में अपने स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए पहचानी जाने वाली कंगना रनौत का यह आध्यात्मिक पक्ष भी अब चर्चा में है। कंगना रनौत ने पूरे किए 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन की खबर को कई लोग भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

