हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की अहम बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें मानसून आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई। इस वर्ष प्रदेश में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं से व्यापक नुकसान हुआ है। इस पृष्ठभूमि में कैबिनेट ने एक विशेष आपदा राहत पैकेज को मंजूरी दी है, जिसमें मुआवजे की राशि को कई गुना तक बढ़ा दिया गया है।
🏚️ पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों पर मिलेगा 7 लाख रुपये का मुआवजा
अब तक राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मात्र 1.30 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी। लेकिन अब इस राशि को पांच गुना से अधिक बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। यह फैसला राज्य के हजारों प्रभावित परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है।
🏠 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी राहत
मंत्रिमंडल ने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर दिए जाने वाले मुआवजे में भी वृद्धि की है। पहले जहां यह राशि 12,500 रुपये थी, अब इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे उन परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जिनके घर पूरी तरह नष्ट तो नहीं हुए, लेकिन रहने लायक भी नहीं बचे।
📣 मंत्रियों ने दी जानकारी
राज्य मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी और यादवेंद्र गोमा ने संयुक्त प्रेस वार्ता में दी।
> “प्रदेश सरकार आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है। हमने इस बार राहत राशि को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाया है ताकि प्रभावित परिवारों को दोबारा अपने जीवन को पटरी पर लाने में मदद मिल सके,” – जगत सिंह नेगी
“मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है कि लोगों की तकलीफ को संजीदगी से समझते हुए राहत में देरी नहीं होनी चाहिए,” – यादवेंद्र गोमा
📊 नुकसान का आंकलन और त्वरित सहायता
राज्य सरकार द्वारा अब तक की रिपोर्टों के अनुसार, इस मानसून सीजन में 900 से अधिक मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। राहत एवं पुनर्वास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित जिलों से जल्द से जल्द नुकसान का आंकलन पूरा कर लें ताकि मुआवजा वितरण शुरू किया जा सके।
🚨 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्य होंगे तेज
कैबिनेट ने इस बात पर भी जोर दिया है कि जहां सड़कें, पुल और सार्वजनिक भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए अलग से बजटीय प्रावधान भी किया गया है।
🌧️ आपदा प्रबंधन के लिए अलग कोष
सरकार ने निर्णय लिया है कि भविष्य में आपदा प्रबंधन के लिए स्थायी आपदा राहत कोष तैयार किया जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में तुरंत फंड जारी किया जा सके।
हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा राहत पैकेज में भारी बढ़ोतरी, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर 7 लाख तक मुआवजा
