हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग राज्य में आधुनिक तकनीक से लैस ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। यह सिस्टम हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर चलने वाले वाहनों की निगरानी के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया, निजी और व्यावसायिक सभी प्रकार के वाहनों की जांच की जाएगी।
कैमरों और तकनीकी उपकरणों से होगी निगरानी
ई-डिटेक्शन सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी उपकरणों की सहायता से टोल प्लाजा और प्रमुख स्थानों पर वाहनों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यह प्रणाली रीयल टाइम में गाड़ियों की स्थिति की निगरानी करेगी, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
एचएसआरपी नंबर प्लेट अनिवार्य, बिना प्लेट के नहीं होंगे वाहन संबंधी कार्य
परिवहन विभाग ने सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी वाहन पर यह प्लेट नहीं पाई जाती, तो केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत चालान किया जा सकता है।
आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि बिना एचएसआरपी के किसी भी वाहन का पंजीकरण, बीमा नवीनीकरण, फिटनेस सर्टिफिकेट और ट्रांसफर जैसी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
एचएसआरपी प्लेट के लाभ और विशेषताएं
- एल्यूमिनियम से बनी होती है, जिसमें लेजर कोड, स्थायी पहचान संख्या और परावर्तक शीट होती है।
- रात के समय बेहतर दृश्यता देने में सक्षम, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- वाहन की त्वरित पहचान आसान, क्योंकि प्लेट का रंग वाहन के प्रकार के अनुसार तय किया गया है।
- वाहन चोरी और धोखाधड़ी की घटनाओं पर नियंत्रण, क्योंकि यह प्रणाली वाहनों के पंजीकरण को एकरूप बनाएगी और ट्रैकिंग को आसान बनाएगी।
आरटीओ सिरमौर ने वाहन मालिकों को दी चेतावनी
आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने वाहन मालिकों को चेतावनी दी है कि जिन वाहनों में अभी तक एचएसआरपी प्लेट नहीं लगी, वे इसे तत्काल लगवा लें, अन्यथा उन्हें भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को मिलेगी मजबूती
ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू होने से यातायात नियमों के पालन में सख्ती आएगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। सरकार की इस पहल से वाहन स्वामियों को अपनी गाड़ियों की ट्रैकिंग और सुरक्षा का फायदा मिलेगा।