हरिपुर महाविद्यालय मनाली में “रोड सुरक्षा जागरूकता” कार्यशाला आयोजित

हरिपुर महाविद्यालय मनाली में "रोड सुरक्षा जागरूकता" कार्यशाला आयोजित

हरिपुर मनाली, 19 मार्च – जिला कुल्लू के जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय हरिपुर मनाली में बुधवार को “रोड सुरक्षा जागरूकता” पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन रोड सुरक्षा क्लब द्वारा किया गया, जिसमें महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली मुख्य अतिथि रहीं। वहीं, आरटीओ कुल्लू श्री राजेश भंडारी और मेडिकल ऑफिसर सजला डॉ. हेमंत ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दो महत्वपूर्ण सत्र

कार्यशाला को दो सत्रों में विभाजित किया गया।

➡️ पहले सत्र में प्राथमिक चिकित्सा पर जोर
मेडिकल ऑफिसर डॉ. हेमंत ठाकुर ने छात्रों को आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की जानकारी दी। उन्होंने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जैसी जीवनरक्षक तकनीकों को समझाया और बताया कि दुर्घटनाओं में घायलों को सही समय पर उपचार मिलना कितना महत्वपूर्ण होता है।

➡️ दूसरे सत्र में सड़क सुरक्षा नियमों पर चर्चा
आरटीओ कुल्लू राजेश भंडारी ने छात्रों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गति नियंत्रण, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, तथा ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से सुरक्षित यातायात नियम अपनाने की अपील की और रोड सेफ्टी पुस्तिकाएं वितरित कीं।

छात्रों ने दिखाया उत्साह, विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन

कार्यशाला के दौरान छात्रों के लिए पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग और डिक्लेमेशन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

🏆 पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता:
🥇 प्रिया – प्रथम स्थान
🥈 पलवी – द्वितीय स्थान
🥉 वृंदा – तृतीय स्थान

🏆 स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता:
🥇 स्वाती पटियाल – प्रथम स्थान
🥈 प्रिया – द्वितीय स्थान
🥉 भावना – तृतीय स्थान

🏆 डिक्लेमेशन प्रतियोगिता:
🥇 मनीषा – प्रथम स्थान
🥈 प्रिया – द्वितीय स्थान

महाविद्यालय प्राचार्या ने छात्रों को किया प्रेरित

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली ने कार्यशाला को सफल बनाने के लिए रोड सुरक्षा क्लब के संयोजक प्रो. सनी ठाकुर और क्लब के सदस्यों प्रो. लाल चंद और प्रो. प्रीति ठाकुर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी आवश्यक है।” उन्होंने गति सीमा के पालन, यातायात संकेतों की समझ और प्राथमिक चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और महाविद्यालय के सभी शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।