मंडी: महिलाओं पर अत्याचार में सबसे आगे, छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों में चिंताजनक आंकड़े

मंडी: महिलाओं पर अत्याचार में सबसे आगे, छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों में चिंताजनक आंकड़े

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में गंभीर स्थिति देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नवंबर माह तक महिलाओं से क्रूरता के 160 मामलों में मंडी ने सबसे अधिक 26 मामले दर्ज किए हैं। इसके बाद कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर में 22-22 मामले सामने आए हैं।

महिलाओं से क्रूरता के आंकड़े

महिलाओं के प्रति क्रूरता के मामले अन्य जिलों में भी दर्ज हुए हैं। बीबीएन में 12, चंबा में 4, हमीरपुर में 7, नूरपुर में 5, शिमला में 14, सिरमौर में 11, और सोलन में 7 मामले सामने आए हैं। किन्नौर में केवल 1 और लाहौल-स्पीति में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। बीते वर्ष, महिलाओं से क्रूरता के 218 मामले दर्ज किए गए थे।

छेड़छाड़ की घटनाएं: मंडी फिर सबसे ऊपर

नवंबर माह तक हिमाचल में छेड़छाड़ के कुल 458 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से सबसे अधिक 74 मामले मंडी में सामने आए। सिरमौर में 58, शिमला में 54, कांगड़ा में 52, और बिलासपुर में 27 केस दर्ज किए गए।

अन्य जिलों में चंबा में 33, हमीरपुर में 32, कुल्लू में 25, नूरपुर में 26, सोलन में 40, ऊना में 17, बीबीएन में 16, किन्नौर में 3, और लाहौल-स्पीति में केवल 1 मामला दर्ज हुआ।

दुष्कर्म के मामलों में भी मंडी सबसे आगे

दुष्कर्म के मामलों में भी मंडी जिला सबसे आगे है। इस वर्ष दर्ज 305 मामलों में 52 मामले मंडी से जुड़े हैं। कांगड़ा में 37, सिरमौर में 45, शिमला में 39, और बीबीएन में 22 मामले दर्ज हुए हैं। ऊना में 14, बिलासपुर में 13, चंबा में 23, सोलन में 23, नूरपुर में 8, हमीरपुर में 6, और किन्नौर में 7 मामले सामने आए हैं।

दहेज हत्या: राहत भरी खबर

राज्य में पिछले 23 महीनों में दहेज हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। बीते वर्षों में दहेज हत्या के आंकड़े घटते नजर आए हैं।

लंबे समय से महिलाओं पर अत्याचार की स्थिति

पिछले वर्षों में हिमाचल प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। 2022 में महिलाओं से क्रूरता के 218 मामले, छेड़छाड़ के 506 मामले, और दुष्कर्म के 344 मामले दर्ज किए गए थे।

लंबे समय से उठ रही मांग है कि प्रशासन और पुलिस द्वारा सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, जागरूकता अभियान चलाकर समाज में इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जाए।