गौरतलब है कि इससे पूर्व बजोल व सियूंर के जंगलों में भी भीष्ण आगजनी हुई है।आगजनी से केवल बहुमूल्य वन सम्पदा ही नहीं जली बल्कि इससे अमूल्य जड़ी बूटियां,लाखों जीव जंतु जले व वन्य प्राणी हताहत हुए हैं। लोगों ने वन विभाग व सरकार से मांग की है कि वनों में आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। जिस भी जंगल में आग लगती है उस जंगल के हक-बरतन वाले गांवों के लोगों के लिए आग बुझाने के कार्य आवश्यक बनाया जाए।हर परिवार से आग बुझाने की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
भरमौर उपमंडलों पर आग का आक्रमण,वातावरण में फैला धुआं
